School of Economics | Human Poverty Index
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वैश्विक भूख सूचकांक में 100वें स्थान पर भारत 70 साल की आज़ादी का हासिल : भूख और कुपोषण के क्षेत्र में महाशक्ति मुकेश असीम भारत में दो वर्ष तक की उम्र के 10% से भी कम बच्चों को पर्याप्त मात्रा में पोषक भोजन उपलब्ध होता है। माँ का...

  (सुभाष गाताडे) सत्तर के दशक में मशहूर नाटककार गुरुशरण सिंह का लिखा एक नुक्कड़ नाटक ‘हवाई गोले’ बहुत चर्चित हुआ, जिसमें लोकतंत्र की विडंबनाओं को उजागर किया गया था। नाटक में भूख से हुई मौत को छिपाने के लिए सरकारी अफसरों द्वारा किया गया दावा कि...

- किसी देश में एक उचित जीवन स्तर जीने के लिए जरूरी न्यूनतम आय को वहां की गरीबी रेखा कहा जाता है। इसकी कोई सर्वमान्य परिभाषा नहीं है। *🌏=>संयुक्त राष्ट्र के अनुसार गरीबी:-* विकल्पों और मौकों का अभाव ही गरीबी है। यह मानव आत्मसम्मान का उल्लंघन...

कास सूचकांक 2015 में हमें 188 देशों में 130वें स्थान पर जगह मिली है। इस मामले में हम वैश्विक औसत के भी नीचे हैं। 7-8 फीसदी जी.डी.पी. वृद्धि के बावजूद कई चुनौतियाँ अभी भी बरकरार हैं। इकोनॉमिक टाइम्स ग्लोबल बिज़नेस समिट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी...