School of Economics | Discover, Learn & Grow
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*🔵⭕️लोकतंत्र की महत्ता केवल चुनावों में नहीं है।* . समाज में एक अटूट विश्वास है कि एक प्रजातांत्रिक समाज को चुनावों से ही परिभाषित किया जा सकता है। ‘एक व्यक्ति, एक वोट’ के सिद्धांत को प्रजातंत्र का निर्णायक सिद्धांत माना जाता है। यह सिद्धांत इतना सशक्त हो...

*✴️आयुष्मान भारत के स्वास्थ्य की देखभाल जरूरी है* सरकार ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा योजना, आयुष्मान भारत की शुरूआत की है। इस स्वास्थ्य नीति के दो मुख्य लक्ष्य हैं – (1) जनता के स्वास्थ्य को ठीक करना, और (2) उपचार करवा रहे लोगों को वित्तीय सहायता पहुँचाना। पहले लक्ष्य...

*⭕🌿☘क्यों आंदोलन कर रहे हैं किसान* अपने कार्यकाल के चार वर्ष पूरे होने के बाद वर्तमान सरकार ने* एक बड़ा मीडिया अभियान शुरू किया, जिसे ’48 मंथ्स ऑफ ट्रांसफॉर्मिंग इंडिया’ नाम दिया* गया।* सरकार द्वारा कई इन्फोग्राफिक्स और ट्वीट्स के माध्यम से किसानों को खुशहाल दिखाया गया...

*अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के (IMF) बारे में 14 परीक्षोपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य* अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) और अंतर्राष्ट्रीय पुनर्निर्माण और विकास बैंक (IBRD) की स्थापना जुलाई 1944 में ब्रेटन वुड्स, न्यू हैम्पशायर, यूएसए में आयोजित 44 देशों के सम्मेलन में की गयी थी. अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF)...

C P Chandrasekhar The rupee, which has been sliding in value for some time, has depreciated sharply in recent weeks, giving some cause for concern. The depreciation is largely against the rising dollar, relative to which its value has fallen by more than 7.5 per cent...

भारतीय अर्थव्यवस्था रुपए का सर्वप्रथम अवमूल्यन कब हुआ — 20 सितंबर, 1949 दूसरी बार रुपए का अवमूल्यन कब हुआ — 6 जून, 1966 रुपए का तीसरी बार अवमूल्यन कब हुआ — 1 जुलाई, 1991 विदेशों में स्थित विदेशी बैंकों के साथ विदेशी मुद्रा में भारतीय बैंकों द्वारा रखे गए...

*📻🌼स्वामित्व या रोजगार?* टी. एन. नाइनन नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार का कहना है कि जब तक कोई कंपनी देश की आर्थिक गतिविधियों में योगदान दे रही है और यहां रोजगार तैयार कर रही है तब तक उन्हें इस बात की परवाह नहीं है कि उस...

  “किसी भी राष्ट्र के विकास की गति उसके नागरिको के बीच शिक्षा के प्रसार से होती है"। स्वामी विवेकानंद जी का यह कथन आज अधिक सार्थक प्रतीत होता है| २१ वीं सदी में ज्ञान के विस्फोटक सैलाब से जब सारा विश्व सराबोर है | चतुर्थ...

C. P. Chandrasekhar and Jayati Ghosh June 5, 2018 With the GDP estimates for the fourth quarter of 2017-18 placing growth relative to the corresponding quarter of the previous year at 7.7 per cent, talk of India being the world’s fastest growing economy has revived. Moreover,...

Prabhat Patnaik June 4, 2018 The Modi government is celebrating four years in office with great fanfare. The fact that these four years have unleashed an unparallelled process of social and political retrogression in the country is well-known and need not detain us here. Our purpose...