School of Economics |
0
home,blog,paged,paged-57,ajax_fade,page_not_loaded,,qode-title-hidden,qode_grid_1300,qode-content-sidebar-responsive,qode-theme-ver-11.1,qode-theme-bridge,wpb-js-composer js-comp-ver-5.1.1,vc_responsive

Sunanda Sen Theotonio dos Santos (1936–2018), who passed away on 27 February in Rio de Janeiro, has been one of the major proponents of dependecia or dependency theory, along with Andre Gunder Frank, Giovanni Arrighi, Samir Amin and, to some extent, Immanuel M Wallerstein. Continuing to provide inspiration...

  (राजीव रंजन झा) तेल की कीमतें बढ़ने की वजह से एक प्रमुख आशंका यह भी बनती है कि इसके चलते देश में महंगाई दर कहीं बेतहाशा न बढ़ जाए। मगर इस मोर्चे पर भी अर्थशास्त्रियों में अनावश्यक घबराहट नहीं दिखती। वे इन आंकड़ों का हवाला देते...

  प्रभात पटनायक पिछली बार भारतीय अर्थव्यवस्था को 2013 में ही, आर्थिक वृद्धि के साथ कमोबेश लगातार जारी रही गरीबी में बढ़ोतरी से भिन्न, गंभीर वृहदार्थिक खलल या संकट का सामना करना पड़ा था। यह तब हुआ था जब रुपये के मूल्य में भारी गिरावट हुई थी।...

  टी. एन. नाइनन विनिर्माण क्षेत्र में रोजगार मायने नहीं रखता! अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने गत माह अपने नवीनतम विश्व आर्थिक पूर्वानुमान में कमोबेश यही बात कही। उसने कहा, ‘अगर रोजगार विनिर्माण से सेवा क्षेत्र की ओर स्थानांतरित होता है तो इससे अर्थव्यवस्था की उत्पादकता वृद्घि...

  देश में बढ़ती साफ-सफाई, खुले में शौच मुक्ति और शौचालय निर्माण के कारण न केवल उत्पादकता बढ़ रही है बल्कि परिवारों की आर्थिक स्थिति भी सुधर रही है। परमेश्वरन अय्यर , (लेखक पेयजल एवं स्वच्छता मंत्रालय भारत सरकार में सचिव हैं। लेख में प्रस्तुत विचार निजी...

C. P. Chandrasekhar and Jayati Ghosh May 8, 2018 Even while optimistic assessments of growth trends in the global economy proliferate, concerns that the unwinding of inflated asset price markets could abort the recovery are being expressed. Interestingly, there appears to be a substantial degree of...

    वर्तमान युग में स्वचालन का बोलबाला होता जा रहा है। यही कारण है कि बड़ी-बड़ी कंपनियां इस क्षेत्र में बहुत अधिक निवेश कर रही हैं। मेकिंजे का अनुमान है कि तकनीक की दिग्गज कंपनियों ने 2016 में इस क्षेत्र में 20-30 अरब डॉलर का निवेश...

  हमारे मुद्रा बाजार में डॉलर की आपूर्ति कम हो गई है, साथ ही तेल की मांग बढ़ने से भी हमारा रुपया फिसल रहा है। डॉ. भरत झुनझुनवाला , (लेखक वरिष्ठ अर्थशास्त्री व आईआईएम, बेंगलुरु के पूर्व प्राध्यापक हैं) पिछले दो साल से रुपए का मूल्य लगभग 64...